Incrediblenewindia/10 सर्वश्रेष्ठ भारतीय महिला खिलाड़ी /10 Best Indian Female Players |
पी वी सिंधु (बैडमिंटन खिलाड़ी)
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Urपुसरला वेंकटा सिंधु (पी सिंधु) का जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद आंध्र प्रदेश में हुआ। सिंधु ने 8 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन का अभ्यास शुरू कर दिया था। सिंधु ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किये गए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। सिंधु ने बैडमिंटन के खेल में जहां अनेक पुरस्कार जीते, वहीं उनकी योग्यता और उपलब्धियों के कारण भी उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2013 में सिंधु को अर्जुन पुरस्कार, वर्ष 2014 में एफआईसीसीआई का महत्वपूर्ण खिलाड़ी सम्मान तथा एनडीटीवी इंडियन ऑफ़ द ईयर 2014 मिले। वर्ष 2015 में सिंधु को भारत का चौथा सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म श्री’ भी प्राप्त हुआ।
Urपुसरला वेंकटा सिंधु (पी सिंधु) का जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद आंध्र प्रदेश में हुआ। सिंधु ने 8 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन का अभ्यास शुरू कर दिया था। सिंधु ने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में आयोजित किये गए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। सिंधु ने बैडमिंटन के खेल में जहां अनेक पुरस्कार जीते, वहीं उनकी योग्यता और उपलब्धियों के कारण भी उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2013 में सिंधु को अर्जुन पुरस्कार, वर्ष 2014 में एफआईसीसीआई का महत्वपूर्ण खिलाड़ी सम्मान तथा एनडीटीवी इंडियन ऑफ़ द ईयर 2014 मिले। वर्ष 2015 में सिंधु को भारत का चौथा सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म श्री’ भी प्राप्त हुआ।
एम सी मैरीकॉम (मुक्केबाज)

मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम (एम सी मैरी कॉम) का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर में हुआ। उनको खेल-कूद का शौक बचपन से ही था और उनके ही प्रदेश के मुक्केबाज डिंग्को सिंह की सफलता ने उन्हें मुक्केबाज़ बनने के लिए और प्रोत्साहित कर दिया। एक बार बॉक्सिंग रिंग में उतरने का फैसला करने के बाद मैरी कॉम ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैरी कॉम पांच बार विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं। 2012 के लंदन ओलम्पिक मे उन्होंने काँस्य पदक जीता। 2010 के ऐशियाई खेलों में काँस्य तथा 2014 के एशियाई खेलों में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके जीवन पर फिल्म “मैरी कॉम” भी बनी है। इस फिल्म में उनकी भूमिका प्रियंका चोपड़ा ने निभाई।
गीता फोगट (पहलवा

गीता फोगाट का जन्म 15 दिसम्बर 1988 को हरियाणा में हुआ। वे एक भारतीय महिला फ्रीस्टाइल पहलवान है जिन्होंने पहली बार भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। इनके करियर की शुरुआत 2009 के कॉमनवेल्थ पहलवानी चैम्पियनशिप से हुई, जो पंजाब के जालंधर में हुई थी। गीता ने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। साथ ही गीता पहली भारतीय महिला पहलवान हैं जिन्होंने ओलम्पिक में क्वालीफाई किया। इनके जीवन पर दंगल नाम की एक फिल्म भी बनी है।
दीपिका कुमारी (आर्चर)

दीपिका कुमारी का जन्म 13 जून 1994 को झारखण्ड में हुआ। वे एक भारतीय महिला तीरंदाज हैं। दीपिका 15 साल की थीं तब 2009 में उन्होंने अमेरिका में 11वीं युवा विश्व तीरंदाजी स्पर्धा अपने नाम की थी। तीरंदाजी में उनके प्रोफेशनल करियर की शुरुआत 2006 में हुई। इस युवा तीरंदाज ने 2006 में मेक्सिको में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम्पाउंट एकल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया। फिर 2010 में एशियन गेम्स में कांस्य हासिल किया। इसके बाद इसी वर्ष कॉमनवेल्थ खेलों में महिला एकल और टीम के साथ दो स्वर्ण हासिल किये। राष्ट्रमण्डल खेल 2010 में उन्होने न सिर्फ व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण जीते बल्कि महिला रिकर्व टीम को भी स्वर्ण दिलाया।
सानिया मिर्जा (टेनिस)

टेनिस स्टार के नाम से मशहूर सानिया मिर्ज़ा का जन्म 15 नवम्बर 1986 को मुम्बई, महाराष्ट्र में हुआ। सानिया मिर्ज़ा भारतीय टेनिस खिलाडी हैं। सानिया ने बहुत से रिकार्ड्स अपने नाम किये हैं। अपने कॅरियर की शुरुआत उन्होंने 1999 में विश्व जूनियर टेनिस चैम्पियनशिप में हिस्सा लेकर किया। 2003 उनके जीवन का सबसे रोचक मोड़ बना जब भारत की तरफ से वाइल्ड कार्ड एंट्री करने के बाद सानिया मिर्ज़ा ने विम्बलडन में डबल्स के दौरान जीत हासिल की। वर्ष 2004 में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें 2005 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2005 के अंत में उनकी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग 42 हो चुकी थी जो किसी भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी के लिए सबसे ज्यादा थी। 2009 में वह भारत की तरफ से ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
साक्षी मलिक (पहलवान)

साक्षी मलिक का जन्म 3 सितम्बर 1992 को रोहतक, हरियाणा में हुआ। वे एक भारतीय महिला पहलवान हैं। इन्होंने ब्राजील के रियो डि जेनेरियो में हुए 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता है। भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली वे पहली महिला पहलवान हैं। इससे पहले इन्होंने ग्लासगो में आयोजित 2014 के राष्ट्रमण्डल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीता था। 2014 के विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में भी इन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
साइना नेहवाल (बैडमिंटन खिलाड़ी)

साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हैदराबाद, तेलंगाना में हुआ। साइना नेहवाल भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। पिछले ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता साइना को रियो ओलंपिक में 5वीं वरीयता प्राप्त हुई है। साइना के माता पिता स्टेट लेवल पर बैडमिंटन खेला करते थे, बैडमिंटन की प्रतिभा साइना को उनके माता पिता से विरासत में मिली थी। एक महीने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली भी वो अकेली महिला खिलाडी हैं। लंदन ओलंपिक 2012 मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। बैडमिंटन मे ऐसा करने वाली वे भारत की पहली खिलाड़ी हैं। 2008 में बीजिंग में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों मे भी वे क्वार्टर फाइनल तक पहुँची थी। वर्तमान में वह शीर्ष महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।
पी टी उषा (धावक)

उड़न परी के नाम से जानी जाने वाली पी.टी. उषा का जन्म 27 जून 1964 को केरल, भारत में हुआ। उन्हें “पय्योली एक्स्प्रेस” नामक उपनाम भी दिया गया था। 1982 के एशियाड खेलों में उसने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते थे। राष्ट्रीय स्तर पर उषा ने कई बार अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराने के साथ 1984 के लांस एंजेल्स ओलंपिक खेलों में भी चौथा स्थान प्राप्त किया था। यह गौरव पाने वाली वे भारत की पहली महिला धाविका हैं।
कर्णम मल्लेश्वरी (भारोत्तोलक)

कर्णम मल्लेश्वरी का जन्म 1 जून 1975 को श्रीकाकुलम, आंध्रप्रदेश में हुआ। वे एक भारतीय महिला भारोत्तोलक (वेटलिफ़्टर) हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप से की, जहां उन्होंने नंबर एक पायदान पर कब्जा किया। 1992 के एशियन चैंपियनशिप में मल्लेश्वरी ने 3 रजत पदक जीते। वैसे तो उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 3 कांस्य पदक पर कब्जा किया है, किन्तु उनकी को सबसे बड़ी कामयाबी 2000 के सिडनी ओलंपिक में मिली, जहां उन्होने कांस्य पर कब्जा किया और इसी पदक के साथ वे ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
दीपा कर्माकर (जिमनास्टिक्स)

गोल्डन गर्ल नाम से जानी जाने वाली दीपा कर्माकर का जन्म 9 अगस्त 1993 को त्रिपुरा के अगरतला में हुआ था। दीपा ने जब 6 साल की उम्र में जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग शुरू की तब कई तरह की परेशानियों का उन्हें सामना करना पड़ा। 2007 से दीपा ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 77 पदक जीते हैं जिनमें से 67 स्वर्ण पदक हैं। दीपा ने 2016 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। किसी भी ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली वे पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट हैं।
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श्री मद्भगवद्गीता का रहस्य
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