Sunday, February 24, 2019

ज़िन्दगी जिन्दादिली का नाम है



By Tejaram Dewasi  
ज़िन्दगी जिन्दादिली का नाम है आखिर क्या है यह ज़िन्दगी |जब कभी सोचती हूँ ज़िन्दगी के बारे में तो ऐसा लगता है जैसे उगते सूरज की पहली किरण ,जिसे देख कर हमारे अंदर एक नई आशा और विश्वास का संचार होता है | ऐसी खुशी दिल में महसूस होती है ज़िन्दगी हमें कई reason देती है कभी ख़ुशी देती है तो कभी दुःख देती है पर यह हम पर depend करता है कि हम उस दुःख को कैसे ख़ुशी में बदल दे |क्योंकि इस दुनिया में हमसे भी ज्यादा दुखी लोग है जब हम उनकी तरफ देखते है तो हमें अपना दुःख कम लगने लगता है इससे हमें शक्ति मिलती है और वैसे भी उतार चढाव का नाम ही ज़िन्दगी है |और जब दुःख के बाद सुख आता है तभी तो हमें वास्तव में ख़ुशी का अहसास होता है ज़िन्दगी हर किसी के लिए अलग ही पहेली होती है सभी इसे अपने तरीके से जीना पसंद करते है किसी के लिए ज़िन्दगी बहुत ही खुबसूरत है रंगों से भरी तो किसी के लिए संघर्ष ही ज़िन्दगी का दूसरा नाम है|
 ज़िन्दगी के लिए हमारी सोच सकारत्मक होनी चाहिए यदि राह में बहुत सी रूकावटे है किन्तु यदि आपका attitude positive है तो आप ज़िन्दगी को जीत लेंगे |हमें ज़िन्दगी से निराश नहीं होना चाहिए जिस तरह मकड़ी हज़ार बार गिरती है पर फिर उठती है अपना जाल बनाने के लिए पर हार नहीं मानती है तो  हम क्यों?बस बात धेर्य की  है क्योंकि जब हमारे favour में result नहीं मिलता है तो हम मायूस हो जाते है पर मेहनत का फल देर सबेर मिलता है | हमें ज़िन्दगी में अपने आप के साथ ईमानदार होना चाहिए | ईमानदारी जीवन की सबसे अच्छी policy होती है | ज़िन्दगी को समझना बेहद जरुरी है क्योंकि ज़िन्दगी हमें कुछ न कुछ सिखाती है ये तो हम पर depend करता है हम उसे enjoy करते है या फिर problem समझ कर रोना रोते रहे |ज़िन्दगी का सच्चा सुख हमें तभी मिलता है जब हमारी ज़िन्दगी किसी के काम आये जब हम किसी की मदद करते है तब जो सन्तोष मिलता है वो करोड़ों रूपए कमाने से भी नहीं मिलता है | जीवन में सन्तोष होना बहुत जरुरी है |पर हम भाग दौड़ में लगे हुए जो हमारे पास है उससे देख ही नहीं पा रहे है  मन की ख़ुशी बहुत मायने रखती है जो बाहर कहीं नहीं मिलती है जब हमारी वजह से किसी के होठो पर मुस्कान आती है दिल को राहत मिलती है मैं यह नहीं कहती कि महत्वकान्क्षी मत बनो पर जिंदगी की कीमत पर नहीं | किसी ने सच ही कहा है कि हर इंसान का एक लक्ष्य होता है लक्ष्यहीन ज़िन्दगी बेमानी सी  लगती है | आखिर ज़िन्दगी की उडान सपनो से ही तो शुरु होती है | सबसे जरुरी बात तो यह है कि ज़िन्दगी का हर पल हर लम्हा enjoy करना चाहिए |क्योंकि कल क्या हो किसने देखा अपने आज को जी भर जी लो | हमेशा लोग भविष्य के सपने देखते है और अपने आज पर ध्यान नहीं देते है | अपने आज को संवारो कल अपने आप सुनेहरा होगा | ज़िन्दगी को ख़ुशी से जियो |हमेशा मुस्कुराते रहो क्योंकि ज़िन्दगी ईश्वर का अनमोल तोहफा है please ज़िन्दगी से प्यार करो इसे सहेज कर रखो |



Friday, February 22, 2019

आईएएस के इंटरव्यू में फेल होने वालों को मिलेगी दूसरी सरकारी नौकरी!

आईएएस के इंटरव्यू में फेल होने वालों को मिलेगी दूसरी सरकारी नौकरी!

22th Feb 2019
UPSC के चेयरमैन अरविंद सक्सेना
भारत में आईएएस की परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में युवा इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन उनमें से महज कुछ का ही सेलेक्शन होता है। मुश्किल माने जानी वाली इस परीक्षा में कई उम्मीदवार ऐसे होते हैं जो इंटरव्यू तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन अंतिम लिस्ट में जगह नहीं बना पाते। ऐसे छात्रों के लिए एक अच्छी खबर है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने केंद्र सरकार और उसके मंत्रालयों को सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार के चरण में पहुंचकर अंतिम लिस्ट में जगह न बना पाने वाले उम्मीदवारों की भर्ती करने की सिफारिश की है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यूपीएससी के अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने कहा, "हमने केंद्र सरकार और मंत्रालयों को ऐसे लोगों की भर्ती करने का प्रस्ताव दिया है, जो सिविल सेवा और अन्य परीक्षाओं में साक्षात्कार तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन अंतिम रूप में चयनित होने में विफल रहते हैं।" 

यूपीएससी के चेयरमैन अरविंद सक्सेना राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्षों के तेईसवें राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर ओडिशा में यह बातें कहीं। हर साल, लगभग 11 लाख उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। इनमें से आधे उम्मीदवार ही प्री एग्जाम में बैठते हैं। परीक्षा चरणों के माध्यम से उनकी संख्या कम हो जाती है और अंततः केवल 600 उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

सरकार मुश्किल चयन प्रक्रिया से गुजरने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट से दूसरे मंत्रालयों में भर्ती पर विचार कर सकती है। सक्सेना ने कहा कि इससे युवाओं में परीक्षा के तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि 2018 में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनटीपीसी ने ऐसे उम्मीदवारों को नौकरी देने के लिए विज्ञापन जारी किया है जो इंटरव्यू में असफल हो जाएंगे। सिविल सर्विस के 2018 का इंटरव्यू फिलहाल जारी है और कुछ ही दिनों में परिणाम आने की संभावना है।

अरविंद सक्सेना ने यह भी कहा कि यूपीएससी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक उम्मीदवार के अनुकूल बनाने के लिए कदम उठा रहा है। अब ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उम्मीदवारों को एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा जिसके जरिए बाद में अगर वे चाहेंगे तो अपना आवेदन वापस ले सकेंगे।
दरअसलपीएससी का कहना है कि आधे उम्मीदवार फॉर्म तो भर देते हैं, लेकिन प्री एग्जाम देने ही नहीं आते हैं। ऐसे में यूपीएससी को परीक्षा केंद्र और पेपर पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। सक्सेना ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों को जागरूक करना है कि यदि वे अच्छी तरह से तैयार नहीं हैं, तो उन्हें परीक्षा नहीं देनी चाहिए और अगले साल इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए UPSC कई अन्य उपाय भी कर रहा है, जिनमें ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट आयोजित कराने पर विचार किया जा रहा है।

अंधविश्‍वासी समाज

             भारत हमेशा से अंधविश्‍वासी लोगों की भूमि रही है। हर धर्म, हर संस्‍कृति और समुदाय में लोगों ने अलग-अलग अंधविश्‍वासों को जगह द...