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भारत का विदेशी कर्ज 2.8 फीसदी घटकर $ 514.4 अरब डॉलर पर: आरबीआई
By incrediblenewIndia
नई दिल्ली. वाणिज्यिक कर्ज, अल्पावधि कर्ज और अनिवासी भारतीय (एनआरआई) की जमा राशि में कमी आने से जून तिमाही में देश का कुल बाहरी कर्ज पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही की तुलना में 2.8 फीसदी कम होकर 514.40 अरब डॉलर रह गया. रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.
आंकड़ों के अनुसार देश का कुल बाहरी कर्ज मार्च तिमाही के स्तर से 14.9 अरब डॉलर कम होकर जून तिमाही में 514.4 अरब डॉलर रह गया. जून तिमाही अंत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले बाहरी कर्ज अनुपात 20.4 फीसदी पर आ गया. मार्च तिमाही अंत तक यह अनुपात 20.5 फीसदी था.
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इसके बाद एनआरआई जमा 24.2 फीसदी और अल्पावधि व्यापार ऋण 18.8 फीसदी पर रहा है. जून 2018 के अंत तक दीर्घावधि ऋण (एक साल से अधिक की परिपक्वता अवधि वाले ऋण) मार्च तिमाही की तुलना में 11.4 अरब डॉलर कम होकर 415.70 अरब डॉलर पर आ गया है.
आरबीआई के मुताबिक, विदेशी मुद्रा के संदर्भ में अमेरिकी डॉलर से प्रभावी ऋण जून 2018 के अंत तक देश के कुल बाह्य कर्ज में सर्वाधिक 50.1 फीसदी का हिस्सेदार रहा है. इसके बाद भारतीय रुपया 35.4 फीसदी, एसडीआर 5.4 फीसदी, जापानी येन 4.7 फीसदी और यूरो 3.3 फीसदी का स्थान रहा है.